वैज्ञानिक सोच को पंख: पीएमश्री स्कूलों के बच्चों ने ISRO केंद्र में सीखी अंतरिक्ष तकनीक

मुंगेली। केन्द्र शासन की महत्वाकांक्षी पीएमश्री स्कूल योजना के तहत विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और तकनीकी समझ विकसित करने के उद्देश्य से जिले के चार चयनित पीएमश्री हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भारत के प्रमुख स्पेस पोर्ट—सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा का शैक्षणिक भ्रमण किया।
इस अध्ययन यात्रा में पीएमश्री सेजेस दाऊपारा, पीएमश्री सेजेस बी.आर. साव मुंगेली, पीएमश्री सेजेस पथरिया तथा पीएमश्री एकलव्य आवासीय विद्यालय बँधवा के विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल हुए। भ्रमण दल में पलक साहू–पारुल ओझा, राजनंदिनी–अनीता दीक्षित, छाया यादव–नेहा सिंह तथा सोमू ध्रुव–आकाश कुमार तित्तल सहित सहायक पूनम प्रसाद शर्मा सम्मिलित रहे।
यह कार्यक्रम कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन तथा जिला सीईओ प्रभाकर पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित हुआ। डीईओ एल. पी. डाहिरे और डीएमसी समग्र शिक्षा अशोक कश्यप का विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा।
ISRO श्रीहरिकोटा में मिला विशेष मार्गदर्शन
श्रीहरिकोटा स्थित इसरो केंद्र में सहायक संचालक गोपीकृष्णन, जनसंपर्क अधिकारी एवं लाइब्रेरियन कुमार नारायण तथा जय प्रकाश ने बच्चों को अंतरिक्ष मिशनों, रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली और उपग्रह तकनीक की विस्तृत जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने
जीरो प्वाइंट—जहाँ से प्रक्षेपण प्रक्रिया नियंत्रित की जाती है
लॉन्च पैड—जहाँ से रॉकेट अंतरिक्ष के लिए रवाना होते हैं
का प्रत्यक्ष अवलोकन कर अंतरिक्ष विज्ञान का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
छात्रों में उमंग, जिज्ञासा और नई प्रेरणा
प्रभारी अधिकारी तीरथ प्रसाद बड़गैइया के नेतृत्व में छात्रों ने विभिन्न तकनीकी इकाइयों का अवलोकन किया। रॉकेट निर्माण, सैटेलाइट लॉन्चिंग और स्पेस मिशनों की प्रक्रिया को करीब से देखकर बच्चों में उत्साह दोगुना हो गया।
इस भ्रमण ने विद्यार्थियों में विज्ञान एवं शोध के प्रति गहरी रुचि जगाई है और उन्हें भविष्य में वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षेत्र में करियर चुनने की प्रेरणा मिली है।





