राजस्व विभाग की सुस्ती से जनता परेशान, बिना अनुमति अनुपस्थिति पर R.I. और पटवारियों को नोटिस

जिले में चल रहे राजस्व प्रकरणों के धीमे निपटारे और अधिकारियों की उदासीनता अब सीधे आम जनता की परेशानी का कारण बन रही है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार लगातार मामलों की समीक्षा कर गति लाने के निर्देश दे रहे हैं, ताकि जमीन संबंधी कार्य, नक्शा बटांकन और अभिलेख दुरूस्ती जैसे जरूरी काम समय पर पूरे हो सकें।
इसके बावजूद राजस्व अधिकारी और पटवारी लक्ष्यों के अनुसार प्रगति नहीं दिखा पाए, जिससे ग्रामीणों से लेकर शहरी आवेदकों तक को रोजमर्रा के कामों में अड़चन का सामना करना पड़ रहा है—किसानों को ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं मिल पा रहे, भूमि विवाद लंबित हैं और धान उठाव व रबी फसल संबंधी कामों पर भी असर दिख रहा है।
इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुंगेली श्री अजय शतरंज ने समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने और बिना अनुमति हड़ताल पर जाने वाले R.I. और पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
9 फरवरी को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नक्शा बटांकन, अभिलेख दुरूस्ती, लंबित प्रकरणों के निराकरण तथा धान उठाव की प्रगति को लेकर साफ निर्देश दिए गए थे। परंतु अधिकारियों द्वारा निर्देशों का पालन न करना, शासकीय कार्यों में सुस्ती और आम नागरिकों की समस्याओं को नजरअंदाज करना प्रशासन के लिए चिंताजनक बना हुआ है।
तीन दिनों के भीतर जवाब नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह कदम प्रशासन की उस कोशिश का हिस्सा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि राजस्व कार्यों में कोई देरी न हो और जनता के जरूरी काम समय पर पूरे हों।





