लोरमी राजस्व विभाग में अव्यवस्था चरम पर, आमजन और किसान बेहाल

अधिवक्ता रवि शर्मा ने एसडीओ (राजस्व) को सौंपा ज्ञापन**
मुंगेली, 12 फरवरी 2026।
लोरमी राजस्व विभाग में लगातार बढ़ती अराजकता, अव्यवस्था और अनियमितताओं को लेकर आमजन, किसान और अधिवक्ताओं में गहरी नाराज़गी है। विभाग की लापरवाह कार्यप्रणाली और पटवारियों की हड़ताल से लोगों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। इसी क्रम में लोरमी के अधिवक्ता रवि शर्मा ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लोरमी को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर स्थिति को सुधारने की मांग की है।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
अधिवक्ता रवि शर्मा ने राजस्व विभाग लोरमी में व्याप्त अव्यवस्था को लेकर निम्न महत्वपूर्ण बिंदु उठाए—
कार्यालयीन समय में अधिकारी अनुपस्थित, तहसील लोरमी व लालपुर दोनों जगहों पर पीठासीन अधिकारी व बाबू समय पर नहीं बैठते।
पटवारियों की हड़ताल का असर, किसान और आमजन लंबे समय से परेशान।
अधिकांश पटवारी निर्धारित हल्के के बजाय अन्य स्थानों पर निजी ऑफिस खोलकर बैठ रहे हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त खर्च कर दूर जाना पड़ रहा है।
राजस्व प्रकरणों में अनियमितताएँ, पक्षकारों और वकीलों को घंटों इंतजार के बाद भी सुनवाई नहीं।
सीमांकन प्रतिवेदन समय पर न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए जाते।
लंबित सीमांकन आवेदनों पर महीनों से कार्रवाई नहीं।
कई मामलों में प्रकरणों का पंजीयन अंतिम आदेश के समय किया जा रहा है।
बिना उचित प्रक्रिया के पक्षकारों को सुने बिना आदेश पारित होने की शिकायतें बढ़ीं।
नकल और सीमांकन प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रति के लिए लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
जनरल तिथि बढ़ने पर भी पक्षकारों को बिना सूचना आदेश जारी किए जाने की चर्चाएँ।
अनेक राजस्व प्रकरण बिना आदेश के लंबित पड़े हैं।
ऑनलाइन दस्तावेजों में साधारण त्रुटि सुधार के लिए किसान लगातार भटक रहे।
कर्मचारियों द्वारा प्रकरणों एवं लंबित आवेदनों की सही जानकारी नहीं दिए जाने की शिकायतें।
राजस्व अधिकारियों को जनसंपर्क व व्यवहार प्रशिक्षण देने की आवश्यकता।
कड़ी कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता रवि शर्मा ने कहा कि
“लोरमी राजस्व विभाग की अव्यवस्था सीधे-सीधे आम जनता, किसान और वकीलों को प्रभावित कर रही है। सुशासन सुनिश्चित करने के लिए दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक है।”
उन्होंने विभाग में व्यवस्था सुधारने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।





