महाशिवरात्रि पर लोरमी में आस्था का सैलाब: माँ नर्मदा कुंड और शिवघाट में उमड़ेगे हज़ारो श्रद्धालु…

लोरमी। भगवान भोलेनाथ के महान पर्व महाशिवरात्रि पर लोरमी में आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पवित्र माँ मनियारी नदी के तट पर स्थित प्राचीन माँ नर्मदा कुंड में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। अपनी रहस्यमयी प्रकृति के लिए प्रसिद्ध इस कुंड का जलस्रोत आज तक रहस्य बना हुआ है, जो इसे और भी दिव्य और आकर्षण का केंद्र बनाता है।
शिवघाट पर दर्शनों के लिए उमड़ी भीड़
मनियारी नदी लोरमी के ऐतिहासिक शिवघाट से होकर बहती है, जहाँ स्थित प्राचीन शिव मंदिर में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। मान्यता है कि यहाँ दर्शन-पूजन करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। श्रद्धालु स्नान, ध्यान, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।

सदियों पुरानी परंपरा—मेले में उमड़ा जनसैलाब
महाशिवरात्रि पर शिवघाट क्षेत्र में लगने वाला विशाल मेला इस बार भी अपनी पूरी भव्यता के साथ सजा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस मेले की परंपरा इतनी पुरानी है कि इसका सटीक आरंभ आज तक कोई नहीं जानता।
प्रदेश ही नहीं, देश के विभिन्न राज्यों से आए व्यापारी और श्रद्धालु मेले में शामिल हो रहे हैं। खिलौने, झूले, प्रसाद, पूजा सामग्री, हस्तशिल्प और खानपान के सैकड़ों स्टॉल मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं।
आध्यात्मिक वातावरण में डूबा लोरमी
शिवघाट इन दिनों पूरी तरह शिवमय दिखाई दे रहा है। मंदिरों में घंटियों की अनुगूंज, हर-हर महादेव के नाद, भक्तिमय भजनों की ध्वनि और दीपों की रोशनी वातावरण में अद्भुत शांति और ऊर्जा भर रही है।
15 फरवरी को पड़ने वाली महाशिवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह और श्रद्धा का ज्वार उमड़ रहा है। लोरमी एक बार फिर अपनी संस्कृति, आस्था और परंपरा की दिव्य छटा बिखेर रहा है।
दिव्य मंत्र – माँ नर्मदा एवं भगवान भोलेनाथ के लिए
माँ नर्मदा जी के लिए मंत्र
“नर्मदे हर! नर्मदे हर!

शंकरप्रिया नर्मदे देहि मे शुभम्।”
भगवान शम्भू–भोलेनाथ के लिए मंत्र
“ॐ नमः शिवाय!”
“त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्…”





