श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर लोरमी में रक्तदान का संदेश, 30 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित..

यदुवंशी सेना एवं सर्व यादव समाज के संयुक्त आयोजन में उमड़ा उत्साह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव रहे मुख्य अतिथि
लोरमी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लोरमी में मानव सेवा और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यदुवंशी सेना एवं सर्व यादव समाज, लोरमी के संयुक्त तत्वावधान में मानस मंच में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में समाज के युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। इस दौरान 30 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को केवल धार्मिक पर्व के रूप में मनाने के साथ-साथ इसे मानव सेवा और जनकल्याण से जोड़ना था। आयोजकों ने रक्तदान के माध्यम से समाज में सेवा, करुणा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं लोरमी विधायक श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष श्री सुजीत वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे। श्रीमती वर्षा विक्रम सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं।
शिविर में सर्व यादव समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। विशेष रूप से युवाओं ने आगे बढ़कर स्वैच्छिक रक्तदान किया और दूसरों के जीवन को बचाने के लिए अपना योगदान दिया।
आयोजकों ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, सेवा और कर्तव्य का संदेश देता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए जन्माष्टमी के अवसर पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। “नर सेवा ही नारायण सेवा” और “रक्तदान महादान” के संदेश के साथ लोगों को नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने वाला साबित हो सकता है। ऐसे सामाजिक आयोजनों से लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ती है और जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
शिविर के सफल आयोजन पर यदुवंशी सेना एवं सर्व यादव समाज, लोरमी ने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, समाज के पदाधिकारियों, युवाओं एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
“रक्तदान महादान, रक्तदान जीवनदान।”
“आपका एक यूनिट रक्त, किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचा सकता है।”




