नवलपुर डबल मर्डर का खुलासा: जमीन के 50 डिसमिल के लिए भाई ने भाई-भाभी को उतारा मौत के घाट
रात में कुदरी लेकर घर में घुसा आरोपी, दोनों पर किया हमला; वारदात के बाद बाहर से ताला लगाकर हुआ फरार

लोरमी/मुंगेली। लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर में सामने आए दंपति के सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में मृतक नंदकुमार कश्यप का सगा भाई ही मुख्य आरोपी निकला। पुलिस के अनुसार पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और रंजिश के चलते नंदु कश्यप ने अपने भाई नंदकुमार और उसकी पत्नी गौरीबाई की हत्या की।

23 अगस्त को नहीं लगा संपर्क, 24 को घर में मिलीं लाशें
ग्राम नवलपुर निवासी मोहन कश्यप ने 25 अगस्त को लोरमी थाने में सूचना दी थी कि उसके माता-पिता नंदकुमार कश्यप और गौरीबाई गांव स्थित मकान में रहते थे। 18 अगस्त की रात तक उसकी मां से फोन पर बातचीत हुई थी, लेकिन इसके बाद दोनों से संपर्क नहीं हो पाया।
24 अगस्त को संदेह होने पर परिवार ने चाचा नंदु कश्यप को घर जाकर देखने के लिए कहा। घर में बाहर से ताला लगा था। बाद में मोहन और उसका भाई बिलासपुर से नवलपुर पहुंचे। घर से दुर्गंध आने पर ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां दोनों अलग-अलग बिस्तरों पर मृत मिले।
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
मामला संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य जुटाए। बिलासपुर सिम्स में हुए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में दोनों की मौत हत्या से होने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोरमी थाने में अपराध क्रमांक 365/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में हत्या का अपराध दर्ज किया गया।
जमीन विवाद ने खोला हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस को मृतक और उसके भाई नंदु कश्यप के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद होने की जानकारी मिली।
पुलिस के मुताबिक करीब 8 एकड़ पैतृक जमीन में दोनों भाइयों के हिस्से में 3-3 एकड़ जमीन आई थी, जबकि एक एकड़ बहन के नाम और करीब 50 डिसमिल जमीन माता-पिता के पास थी। माता-पिता की देखरेख के कारण यह 50 डिसमिल जमीन नंदु को मिलने की बात थी। लेकिन नंदकुमार द्वारा इसमें भी हिस्सा मांगे जाने से दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया था।
हत्या से दो दिन पहले भी हुआ था विवाद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 16 अगस्त को खेत में खाद डालने को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था। इसके अगले दिन 17 अगस्त की रात नंदु कथित तौर पर अपने भाई नंदकुमार के घर पहुंचा और दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान नंदकुमार का साला केदार कश्यप भी वहां पहुंच गया, जिसके बाद नंदु वापस लौट गया।
पुलिस के अनुसार इसी विवाद और रंजिश ने बाद में खूनी रूप ले लिया।
छत के रास्ते घर में घुसा, पहले भाई फिर भाभी पर किया हमला
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि 19 अगस्त की दरम्यानी रात वह लोहे की कुदरी लेकर नंदकुमार की हत्या करने के इरादे से उसके घर पहुंचा। वह पड़ोसी की बाड़ी की ओर से बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ।
घर के बरामदे में नंदकुमार और गौरीबाई अलग-अलग स्थान पर सो रहे थे। आरोपी ने पहले नंदकुमार के सिर पर कुदरी से वार किया। आवाज सुनकर गौरीबाई जाग गईं और उन्होंने आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद आरोपी ने उन पर भी कुदरी से हमला कर दिया।
वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी ने घटना को चोरी जैसी सामान्य घटना दिखाने की कोशिश की। उसने घर के कमरे और अलमारी खोले। इसके बाद आंगन में रखे पानी से अपने हाथ-पैर और हत्या में इस्तेमाल कुदरी को धोया। मकान को बाहर से ताला लगाकर आरोपी वहां से चला गया और कुदरी को ट्यूबवेल में छिपा दिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की कुदरी बरामद कर जब्त की गई।
आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया
पुलिस ने मामले में नंदु कश्यप पिता स्व. श्यामजी, उम्र 46 वर्ष, निवासी नवलपुर को 1 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
मामले के खुलासे में रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में गठित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला, डीएसपी माधुरी धिरही, डीएसपी हरविन्दर सिंह सहित लोरमी थाना एवं साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।





