शिक्षकों की कमी पर भड़का छात्राओं का आक्रोश, NH-130A पर किया चक्काजाम

जनदर्शन में भी नहीं मिला समाधान, सड़क पर बैठीं लौदा स्कूल की छात्राएं; BEO और SDM के आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
मुंगेली/पथरिया। पथरिया विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लौदा में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्राओं का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर दिखाई दिया। लंबे समय से पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में छात्राएं पहले जिला मुख्यालय पहुंचीं और जनदर्शन में अपनी समस्या रखी। तत्काल समाधान नहीं मिलने पर छात्राओं ने NH-130A पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।

छात्राओं का कहना है कि विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण कई महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने से विद्यार्थियों को परीक्षा और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।
15 दिन पहले भी दिया था आवेदन

बताया जा रहा है कि शिक्षकों की कमी को लेकर करीब 15 दिन पहले भी संबंधित अधिकारियों को शिकायत और आवेदन दिया गया था। ग्राम पंचायत के सरपंच के अनुसार, उस दौरान शिक्षा विभाग की ओर से जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से छात्राओं में नाराजगी बढ़ती गई।
मंगलवार को छात्राएं दोबारा जनदर्शन में पहुंचीं। वहां भी तत्काल व्यवस्था नहीं होने से नाराज छात्राओं ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया।
NH-130A पर लगा जाम, मौके पर पहुंचा प्रशासन
छात्राओं के चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। सड़क पर छात्राओं के बैठने से यातायात प्रभावित हुआ। छात्राएं स्कूल में जल्द पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था की मांग पर अड़ी रहीं।
मौके पर पहुंचे BEO और SDM ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश और भरोसे के बाद छात्राओं ने आंदोलन समाप्त किया, जिसके बाद NH-130A पर यातायात सामान्य हो सका।
अब आश्वासन नहीं, व्यवस्था का इंतजार
लौदा स्कूल की छात्राओं का सड़क पर उतरना क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। लगातार शिकायत और आश्वासन के बावजूद यदि शिक्षकों की कमी दूर नहीं होती है तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा परिणाम पर पड़ सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन के आश्वासन के बाद लौदा स्कूल में वास्तव में कब तक पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था होती है। छात्राओं को इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द ठोस कार्रवाई का इंतजार है।





