ब्लैकमेलिंग से परेशान पति-पत्नी ने रची हत्या की साजिश, दूध में नींद की दवा देकर गला घोंटा…

मुंगेली/चिल्फी। ग्राम घानाघाट में युवक की संदिग्ध मौत के मामले का चिल्फी पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक द्वारा महिला को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल किए जाने से परेशान होकर पति-पत्नी ने उसकी हत्या की साजिश रची। दोनों आरोपियों ने युवक को घर बुलाकर दूध में नींद की दवा मिलाकर पिलाई और उसके बेहोश होने के बाद गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर से कुछ दूरी पर फेंक दिया गया।

तीन साल पहले महाराष्ट्र में हुई थी जान-पहचान
पुलिस के अनुसार, मृतक अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल (24), आरोपी मुकेश पटेल (34) और उसकी पत्नी मनीषा बाई पटेल (27) करीब तीन वर्ष पहले मजदूरी करने महाराष्ट्र गए थे। वहां तीनों एक ही कमरे में रहते थे। इसी दौरान अरूण और मनीषा के बीच कथित रूप से अवैध संबंध स्थापित हो गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि इसी दौरान मृतक ने कथित तौर पर अपने मोबाइल से दोनों के संबंधों का वीडियो बना लिया था। गांव लौटने के बाद वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मनीषा को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।
समझाने के बाद भी नहीं माना तो बनाई हत्या की योजना
लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान मनीषा ने इसकी जानकारी अपने पति मुकेश को दी। दोनों ने अरूण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के मुताबिक, धमकी और ब्लैकमेलिंग जारी रही। इसके बाद पति-पत्नी ने अरूण की हत्या करने की योजना बनाई।
योजना के तहत दोनों ने अरूण को अपने घर बुलाया और दूध में नींद की दवा मिलाकर उसे पिला दिया। दूध पीने के बाद जब अरूण बेहोश हो गया तो आरोपियों ने गमछे से उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को रामचंद पटेल के घर के पास फेंक दिया गया।
मोबाइल और गमछा नदी में फेंका
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा मनियारी नदी में फेंक दिया, ताकि साक्ष्य मिटाया जा सके।
30 जुलाई को मिला था शव
30 जुलाई 2026 की रात ग्राम घानाघाट में रामचंद पटेल के घर के पास अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना पर चौकी डिंडौरी और थाना चिल्फी पुलिस ने मर्ग क्रमांक 17/26 के तहत जांच शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मर्ग जांच में तेजी लाने और वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला तथा एसडीओपी लोरमी माधुरी धिरही के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने जांच आगे बढ़ाई।
पूछताछ में सामने आया हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस को हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस के अनुसार दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकेश पटेल और मनीषा बाई पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को 17 अगस्त 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
हत्या का मामला सामने आने के बाद थाना चिल्फी में अपराध क्रमांक 112/26 के तहत धारा 103, 238(ए), 3(5) बीएनएस में अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना चिल्फी प्रभारी निरीक्षक रघुबीर लाल चंद्रा, चौकी डिंडौरी प्रभारी उपनिरीक्षक मानसिंह, महिला उपनिरीक्षक रामकुमारी यादव, प्रधान आरक्षक श्याम डहरिया, गुलाब सिंह राजपूत, चिंताराम कश्यप, महिला आरक्षक संगीता बर्मन तथा आरक्षक नमित सिंह, मनोज राजपूत, पवन गंधर्व, बंशी कंवर, संजय पात्रे, नागेश साहू एवं मनीष प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





