बाढ़ के बीच जिला प्रशासन अलर्ट, 150 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया; राहत शिविर में स्वास्थ्य जांच जारी

बिजराकछार में घर-घर स्वास्थ्य सर्वे, बच्चों-बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी; एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध
मुंगेली, 10 अगस्त 2026। जिले में लगातार बारिश के बीच बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
इसी क्रम में लोरमी विकासखंड के ग्राम बिजराकछार में बाढ़ प्रभावित करीब 150 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। प्रभावित लोगों को स्कूल एवं पंचायत भवन में ठहराया गया है। वहीं राहत शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर नियमित स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सर्वे कर रही टीम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य अमला प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
खण्ड चिकित्सा अधिकारी लोरमी डॉ. जी.एस. दाऊ, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक शैलेन्द्र पाण्डेय, आरएचओ शिवपाल धनकर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम राहत शिविर में पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है।
स्वास्थ्य टीम राहत शिविर तक सीमित नहीं है। प्रभावित क्षेत्र में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है। लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेने के साथ बीमारी के लक्षण पाए जाने पर तत्काल उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जा रही है। उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुड़िया भेजकर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
बाढ़ के दौरान सर्पदंश सहित अन्य आकस्मिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जीवनरक्षक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की है। प्रभावित क्षेत्र में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
स्वास्थ्य अमला ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, स्वच्छता और बाढ़ के बाद संभावित संक्रमण से बचने के उपायों के बारे में भी जागरूक कर रहा है।
लगातार मॉनिटरिंग कर रहा प्रशासन
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। राहत शिविरों में नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ प्रभावित गांवों में सतत सर्वे और निगरानी जारी है।
प्रशासन की ओर से जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य दल, दवाइयां और अन्य चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ की चुनौती के बीच प्रशासन की सक्रियता और स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी से प्रभावित लोगों को सुरक्षित वातावरण के साथ समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।





