कलेक्टर कार्यालय विवाद पर प्रशासन का स्पष्टीकरण : “आवेदन फेंकने की बात पूरी तरह निराधार”

मुंगेली, 26 अप्रैल 2026।
कलेक्टर कार्यालय में छत्तीसगढ़ी भाषा को जनगणना पोर्टल में शामिल किए जाने संबंधी आवेदन को लेकर सामने आए विवाद पर जिला प्रशासन ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन को फेंकने या अस्वीकार करने जैसी कोई घटना हुई ही नहीं, बल्कि यह जानकारी पूरी तरह भ्रामक और असत्य है।
क्या हुआ था घटना के दिन?
24 अप्रैल को कुछ लोग, जो स्वयं को जोहाड़ पार्टी के कार्यकर्ता बता रहे थे, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और आवेदन सौंपने के दौरान वेटिंग एरिया में कार्यालयीन स्टाफ से अमर्यादित व्यवहार किया। इसके बाद वे बाहर आकर अनर्गल नारेबाजी करने लगे, जिससे कार्यालयीन कार्य प्रभावित हुआ।
कलेक्टर ने क्या कहा?
प्रशासन के अनुसार, कलेक्टर ने आवेदन को ध्यानपूर्वक पढ़ने और नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया था। इसके विपरीत, सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई कि आवेदन को फेंक दिया गया — जिसे प्रशासन ने सिरे से गलत और तथ्यहीन बताया है।
अधिकारी मौके पर पहुंचे, समझाइश देकर शांत कराया
घटना की सूचना मिलते ही
एसडीएम अजय शतरंज,
डिप्टी कलेक्टर मायानंद चंद्रा,
तहसीलदार शेखर पटेल,
एसडीओपी हरविंदर सिंह
मौके पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित व्यक्तियों से चर्चा कर ज्ञापन को विधिवत स्वीकार किया और आवश्यक समझाइश देकर उन्हें वापस भेजा। मामले की सूचना थाना कोतवाली को भी दे दी गई है।
सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने पर चिंता
प्रशासन ने कहा कि कक्ष से बाहर आने के बाद कुछ व्यक्तियों ने भ्रामक सूचनाएँ फैलाकर अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर दी, जिसका वास्तविक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।
जिला प्रशासन ने अपील की
जिला प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया है कि—
सभी नागरिकों और संगठनों के सुझाव/आवेदन का सम्मानपूर्वक और नियमानुसार विचार किया जाता है।
लोगों से अपेक्षा है कि शासकीय कार्यों के दौरान मर्यादा और सहयोग बनाए रखें।
असत्य और अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार से बचें।




