मुंगेली पुलिस ने आयोजित की एक दिवसीय साइबर फॉरेंसिक कार्यशाला

डिजिटल सुरक्षा, मोबाइल फॉरेंसिक और सोशल मीडिया एनालिसिस पर अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
मुंगेली | 30 दिसम्बर 2025
मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में रक्षित केंद्र मुंगेली के बैठक कक्ष में एक दिवसीय साइबर फॉरेंसिक कार्यशाला आयोजित की गई। साइबर अपराधों में बढ़ती जटिलताओं को देखते हुए यह प्रशिक्षण पुलिस विवेचकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया।
डॉ. विक्रांत सिंह ठाकुर ने दिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण
राज्य न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. विक्रांत सिंह ठाकुर ने कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाई। उन्होंने अधिकारियों को निम्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी:
डिजिटल सुरक्षा और डेटा संग्रह
मोबाइल फॉरेंसिक
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग एवं एनालिसिस
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्रण की विधि
साइबर अपराधियों की पहचान और उनकी कार्यप्रणाली
आईटी एक्ट एवं संबंधित विधिक प्रावधान
विभिन्न सरकारी पोर्टलों का प्रयोग
साइबर अपराधों की जांच को मजबूत बनाने पर जोर
प्रशिक्षण में बताया गया कि डिजिटल युग में अपराधों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। इसलिए विवेचकों को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण और फॉरेंसिक तकनीकों की बेहतर समझ होना आवश्यक है। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को उन्नत साइबर तकनीक सिखाकर उन्हें वर्तमान चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना था।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा,
अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मयंक तिवारी,
उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह,
जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारी एवं विवेचक अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
इस कार्यशाला से मुंगेली पुलिस की साइबर जांच क्षमता और सुदृढ़ होगी। प्रशिक्षित अधिकारियों से जिले में साइबर अपराधों की जांच में तेजी और निष्पक्षता आने की उम्मीद जताई जा रही है।



