मुंगेली में सरकारी खाते से 26.87 लाख के अनधिकृत ट्रांजेक्शन का मामला, बैंक लिपिक गिरफ्तार…

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में पदस्थ लिपिक पर कार्रवाई, पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर भेजा
मुंगेली। जिले में शासकीय राशि के अनधिकृत अंतरण के मामले में सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने एक बैंक लिपिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में संचालित पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय खाते से कुल 26 लाख 87 हजार रुपये का अनधिकृत लेन-देन किया गया था। मामले में आरोपी बैंक लिपिक टिकेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक, कलेक्टर मुंगेली के आदेश के आधार पर 7 अगस्त 2026 को संबंधित शासकीय खाते से हुए अनधिकृत लेन-देन की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश प्राप्त हुए थे। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच शुरू की।
सात बार हुआ अनधिकृत ट्रांजेक्शन
विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच उक्त शासकीय खाते से कुल सात बार अनधिकृत लेन-देन किया गया। इन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल ₹26,87,000 की राशि का आहरण एवं पुनः जमा कर अनियमित रूप से लेन-देन किया जाना पाया गया।
जांच में सामने आया कि 30 सितंबर 2025 को शासकीय खाते से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में क्रमशः 9 लाख 19 हजार रुपये और 9 लाख 18 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के अनुसार, इसमें से 1 लाख 61 हजार 500 रुपये अतिरिक्त राशि होने के कारण शासन के खाते में वापस आ गई थी।
बैंकिंग रिकॉर्ड से आरोपी की भूमिका सामने आने का दावा
पुलिस के अनुसार, आरोपी टिकेश कुमार, पिता स्व. रैन सिंह, उम्र 30 वर्ष, मूल निवासी ग्राम खैरवाही, थाना चारामा, जिला कांकेर तथा वर्तमान में रायपुर में निवासरत है। आरोपी वर्ष 2022 से जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में लिपिक के पद पर पदस्थ था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को ग्राहक KYC, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन, NEFT/RTGS और राशि अंतरण सहित विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच के दौरान बैंकिंग रिकॉर्ड, CBS प्रणाली में उपलब्ध विवरण और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने संबंधित राशि का अंतरण बैंक मैनेजर के अप्रूवल के बाद CBS प्रणाली के माध्यम से किए जाने की बात कही है। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया पाए जाने पर मामले में धारा 316(5) बीएनएस भी जोड़ी।
23 सितंबर को गिरफ्तारी, 24 सितंबर को न्यायिक रिमांड
सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी टिकेश कुमार को 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। इसके बाद 24 सितंबर को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में विवेचना अभी जारी है और उपलब्ध बैंकिंग रिकॉर्ड एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला एवं एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सउनि ईश्वर सिंह राजपूत तथा आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव और मनोज टंडन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आरोपी के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में अपराध क्रमांक 253/2026 के तहत धारा 318(4) एवं 316(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज है।





