UCC से आदिवासी समाज को अलग रखने की मांग, गोंडवाना गोंड महासभा ने सौंपा ज्ञापन…

लोरमी। समान नागरिक संहिता (UCC) के संबंध में अनुसूचित जनजाति समुदाय को पृथक रखने की मांग को लेकर गोंडवाना गोंड महासभा, प्रतापगढ़-कामठी एवं गोंड समाज जिला कार्यालय मोहबंधा की ओर से उच्च स्तरीय समिति, समान नागरिक संहिता रायपुर के अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लोरमी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन में आदिवासी समुदाय के लिए संविधान में किए गए विभिन्न विशेष प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि अनुसूचित जनजाति समाज की अपनी रूढ़ि, परंपरा, सामाजिक व्यवस्था और विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। समाज में विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं दत्तक ग्रहण जैसे मामलों का निराकरण कई स्थानों पर पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था के माध्यम से किया जाता है।
समाज की ओर से कहा गया कि आदिवासी समुदाय का जीवन वन, जल और भूमि से जुड़ा हुआ है तथा उनकी सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्थाएं लंबे समय से चली आ रही हैं। ऐसे में समान नागरिक संहिता लागू होने से इन परंपरागत व्यवस्थाओं पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
ज्ञापन में संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों, अनुसूचित क्षेत्रों से संबंधित प्रावधानों, पेसा कानून एवं अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित आदिवासी समुदाय के लिए मौजूद संवैधानिक एवं कानूनी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया गया।
गोंड समाज ने मांग की कि अनुसूचित जनजाति समुदाय की विशिष्ट रूढ़ियों, परंपराओं और सामाजिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखा जाए।
दिनांक 23 सितंबर 2026 को प्रस्तुत ज्ञापन में समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।






