नंदेश्वर आश्रम बरपाली में गूंजे वैदिक मंत्र, स्वामी शिवानंद जी के सानिध्य में हुआ भव्य रुद्राभिषेक…

बरपाली/खोडरी। श्रावण मास के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर नंदेश्वर आश्रम, बरपाली में पूज्य श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज, सिद्ध बाबा आश्रम बेलगहना के दिव्य सानिध्य में भव्य रुद्राभिषेक कार्यक्रम श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष तथा वैदिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हो उठा।

चरण पादुका पूजन से हुआ अनुष्ठान का शुभारंभ
धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत रामकुटी में स्वामी शिवानंद जी महाराज द्वारा पूज्य गुरुदेव की चरण पादुका के विधि-विधान से पूजन एवं अर्चन के साथ हुई। इसके बाद विद्वान आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच भगवान भोलेनाथ का महा-रुद्राभिषेक किया गया।
भगवान शिव का पंचामृत—दूध, दही, घी, शहद और शक्कर—के साथ पवित्र जल से अभिषेक किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान महादेव का पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की मंगलकामना की।
बरपाली की धरती को बताया तपोभूमि और देवभूमि
श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए स्वामी शिवानंद जी महाराज ने बरपाली की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बरपाली की यह धरती साधारण भूमि नहीं, बल्कि पवित्र तपोभूमि और देवभूमि है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के प्राचीन तालाब के किनारे आज भी खुदाई के दौरान प्राचीन देवी-देवताओं की मूर्तियां और ऐतिहासिक अवशेष प्राप्त होते हैं, जो इस क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की ओर संकेत करते हैं।
खोडरी के सिद्ध बाबा आश्रम में भी हुआ शिव अभिषेक
श्रावण के अंतिम सोमवार के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही क्षेत्र के जंगलों के बीच स्थित सिद्ध बाबा आश्रम, खोडरी में भी भगवान भोलेनाथ एवं पार्थिव शिवलिंग का विधि-विधान से अभिषेक किया गया।
प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण से घिरे सिद्ध बाबा आश्रम में रुद्राभिषेक का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव रहा। भक्तों ने भगवान शिव की आराधना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
सावन के अंतिम सोमवार और स्वामी शिवानंद जी महाराज के दर्शन की लालसा में सुबह से ही नंदेश्वर आश्रम बरपाली में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने रुद्राभिषेक में सहभागिता की, स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया और महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
बरपाली से लेकर खोडरी तक भगवान शिव की भक्ति, वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।





