पदोन्नति और वेतन विसंगति को लेकर पटवारियों ने खोला मोर्चा, मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन..

आरआई के रिक्त पद पदोन्नति से भरने, लंबित प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
मुंगेली। राजस्व पटवारी संघ, जिला मुंगेली ने प्रदेशभर के पटवारियों की लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संघ ने कहा कि वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित होने और वेतन निर्धारण में गंभीर विसंगतियों के कारण प्रदेश के पटवारियों में व्यापक असंतोष है, जिसका असर कर्मचारियों के मनोबल, कार्यकुशलता और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष के. किशन महिलांग ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में पटवारियों की पदोन्नति के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है। इसके कारण कई कर्मचारी पूरी सेवा अवधि एक ही पद पर बिताकर सेवानिवृत्त हो जाते हैं। संघ ने मांग की है कि पटवारियों की पदोन्नति के लिए समय-सीमा तय की जाए तथा राजस्व निरीक्षक (आरआई) के सभी रिक्त पद केवल पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएं।
संघ ने यह भी मांग रखी कि आरआई पद पर सीधी भर्ती की व्यवस्था समाप्त कर भर्ती नियमों में संशोधन किया जाए। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार 50 प्रतिशत पद वरिष्ठता और 50 प्रतिशत पद विभागीय परीक्षा के आधार पर भरे जाएं। साथ ही विभागीय परीक्षा आयोजित कर नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर भी योग्य पटवारियों की नियुक्ति की जाए।
वेतन निर्धारण में गंभीर विसंगति का आरोप
ज्ञापन में वेतन विसंगति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। संघ के अनुसार वर्ष 2010 भर्ती बैच के पटवारियों के वेतन निर्धारण में ऐसी स्थिति बनी है कि ग्रेड पे बढ़ने के बावजूद मूल वेतन कम निर्धारित किया गया है, जो वेतन निर्धारण के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। संघ का कहना है कि इसी प्रकार की विसंगतियां अन्य भर्ती बैचों में भी मौजूद हैं।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि समान भर्ती बैच, समान नियुक्ति तिथि और समान सेवा अवधि वाले पटवारियों का वेतन अलग-अलग तहसीलों में अलग-अलग निर्धारित किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में वेतन निर्धारण की एकरूपता समाप्त हो गई है। इसका प्रभाव भविष्य की वेतनवृद्धि, पदोन्नति, पेंशन तथा अन्य सेवा लाभों पर भी पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें
लंबित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए।
राजस्व निरीक्षक के सभी रिक्त पद पदोन्नति से भरे जाएं।
आरआई भर्ती नियम में संशोधन कर 50% वरिष्ठता और 50% विभागीय परीक्षा का प्रावधान किया जाए।
वेतन विसंगति का परीक्षण कर शीघ्र न्यायोचित निराकरण किया जाए।
प्रदेशभर में वेतन निर्धारण के लिए स्पष्ट एवं एकरूप दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि इन मांगों को लेकर पूर्व में भी शासन का ध्यान कई बार ज्ञापन और पत्राचार के माध्यम से आकर्षित कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। राजस्व पटवारी संघ ने प्रदेश के हजारों पटवारियों के हित में शासन से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।





