आरक्षण पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में सर्व आदिवासी समाज लोरमी ने SDM को सौंपा ज्ञापन..

लोरमी | 08 जनवरी 2026
“एक तीर एक कमान, सारे आदिवासी एक समान” की भावना के साथ सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक लोरमी ने सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर की गई भड़काऊ टिप्पणी के विरोध में बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लोरमी को ज्ञापन सौंपा। समाज ने आरोपी युवक मनीष कुमार जैन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
फेसबुक पर युवक मनीष कुमार जैन ने आरक्षण व्यवस्था के बारे में अत्यंत अमर्यादित, भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणी की, जिसमें उसने आरक्षण को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
समाज ने कहा कि इस टिप्पणी से SC, ST और OBC समुदायों की भावनाएँ आहत हुई हैं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई है।
आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार – समाज की बात
सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट कहा कि—
“आरक्षण भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त एक संवैधानिक अधिकार है। इस पर की गई अभद्र टिप्पणी न केवल सामाजिक वैमनस्य फैलाती है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।”
समाज ने बताया कि इस प्रकार सोशल मीडिया का दुरुपयोग अपराध की श्रेणी में आता है और इस पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
किसे संबोधित था ज्ञापन?
ज्ञापन निम्न उच्च पदाधिकारियों को संबोधित किया गया—
1️⃣ महामहिम राज्यपाल — रामेन डेका
2️⃣ मुख्यमंत्री — विष्णुदेव साय
3️⃣ उपमुख्यमंत्री — अरुण साव
4️⃣ मंत्री, आदिम जाति कल्याण विभाग — रामविचार नेताम
ज्ञापन को SDM लोरमी के माध्यम से अग्रेषित किया गया।
समाज की मुख्य मांग
➡️ आरोपी युवक मनीष कुमार जैन के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
➡️ सोशल मीडिया पर ऐसी विभाजनकारी पोस्ट करने वालों पर निगरानी बढ़ाई जाए।
➡️ समाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित दंडात्मक कदम उठाए जाएं।
कौन-कौन रहे उपस्थित?
ज्ञान सौंपने वालों में प्रमुख रूप से—
अखत सिंह, प्रभात सिंह , मनोज सिंह,
गिरीश ध्रुव, ब्लॉक अध्यक्ष
हेमपाल मरावी, उपाध्यक्ष
अमित सिंह, जिला अध्यक्ष
धर्मेंद्र मरकाम, जिला पदाधिकारी
तथा समाज के कई सदस्य शामिल रहे।



