उप मुख्यमंत्री अरुण साव की बड़ी सौगात: लोरमी में 24.58 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, विकास की रफ्तार तेज…

लोरमी। नव वर्ष के मौके पर लोरमी विधानसभा के लिए उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने विकास की बड़ी सौगात दी है। क्षेत्र में विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों के लिए कुल 24 करोड़ 58 लाख 57 हजार रुपये की स्वीकृति देकर उन्होंने ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत करने की पहल की है। लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्य स्वीकृति आदेश जारी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होंगे।
“सर्वांगीण विकास सर्वोच्च प्राथमिकता” — अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोरमी विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास मेरी प्राथमिकता है। सड़कें विकास की नींव होती हैं। इससे न केवल गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में भी बड़ी सुविधा होगी।”
ग्रामीणों ने इसे लोरमी के विकास के लिए बड़ा कदम बताते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव का आभार जताया है।
इन 5 नई सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी | कुल राशि: 13.76 करोड़ रुपये
1️⃣ झझपुरी पुल से रविदास पुल सरईपतेरा तक
राशि – 2 करोड़ 04 लाख 25 हजार रुपये
2️⃣ सरईपतेरा (महरपुर नाली) से सारधा मार्ग (लंबाई 2.30 किमी)
राशि – 2 करोड़ 41 लाख 13 हजार रुपये
3️⃣ सरईपतेरा रविदास पुल से बोधापारा तक
राशि – 3 करोड़ 08 लाख 70 हजार रुपये
4️⃣ उरईकछार से हरदीबांध मार्ग
राशि – 2 करोड़ 10 लाख 25 हजार रुपये
5️⃣ कोसाबांड़ी से बखर्रा पहुंच मार्ग
राशि – 4 करोड़ 12 लाख 58 हजार रुपये
ग्रामीण क्षेत्रों में इन स्वीकृतियों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। गांवों में लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठाई जा रही थी।
इससे पहले भी 10.81 करोड़ की परियोजनाएँ हुई थीं स्वीकृत
कुछ दिनों पूर्व ही उप मुख्यमंत्री साव के प्रयासों से इन मार्गों के लिए 10 करोड़ 81 लाख 66 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे—
✔ बावाडोंगरी से कोसाबाड़ी
✔ कोदवा से मोहबंधा
✔ एसएच-10 से सेनगुड़ा
✔ डोंगरिया मेन रोड से मंडी
✔ नवरंगपुर नवापुल से D-3 हेडपुल मार्ग
इन सभी को मिलाकर कुल 24.58 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण स्वीकृतियाँ जारी हो चुकी हैं।
लोरमी में विकास की रफ्तार तेज, ग्रामीणों में खुशी
झझपुरी, सरईपतेरा, सारधा, उरईकछार, हरदीबांध, कोसाबांड़ी और बखर्रा सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव को “विकास पुरुष” बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लोरमी की तस्वीर तेजी से बदल रही है।
गांव-गांव पक्की सड़कें बनने से—
आवागमन आसान होगा
व्यापार और परिवहन में सुविधा बढ़ेगी
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी



