मुंगेली: सरपंच चुनाव की रंजिश में तुलसी साहू की हत्या।

1.20 लाख की दी गई थी सुपारी; पांच आरोपी गिरफ्तार
मतगणना में गड़बड़ी के शक में रची गई हत्या की साजिश, अपहरण के बाद पंप हाउस में गला घोंटकर की हत्या; शव को कीचड़ और झाड़ियों में छिपाया, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मुंगेली। जिले के सरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पेण्ड्री ‘स’ में तुलसी साहू की सनसनीखेज हत्या के मामले का मुंगेली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में हुए सरपंच चुनाव में हार की रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपियों को संदेह था कि मृतक तुलसी साहू ने मतगणना के दौरान वोट निरस्त करवाकर चुनाव का परिणाम प्रभावित किया था। इसी रंजिश में उसका अपहरण कर गला घोंटकर हत्या कर दी गई और शव को सड़क किनारे कीचड़ व झाड़ियों में छिपा दिया गया। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दो दिन बाद कीचड़ और झाड़ियों में मिला था शव
पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7 बजे तुलसी साहू अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकला था। उसे सरगांव होते हुए अपनी दीदी के घर जाना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। परिजनों ने तलाश शुरू की तो उसकी मोटरसाइकिल ग्राम पेण्ड्री ‘स’ स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली। आगे तलाश करने पर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ और कांटेदार झाड़ियों के बीच उसका शव संदिग्ध अवस्था में मिला।
26 अक्टूबर को सूचना मिलने पर सरगांव पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में गला घोंटकर हत्या किए जाने तथा दोनों पैरों को बिजली के तार से बांधने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
सरपंच चुनाव में 8-9 वोटों से हार बना हत्या का कारण
पुलिस विवेचना में सामने आया कि ग्राम पेण्ड्री ‘स’ निवासी धनीराम साहू वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में लगभग 8-9 वोटों से हार गया था। चुनाव में झुलुराम वर्मा सरपंच निर्वाचित हुए थे और मृतक तुलसी साहू उनके मतगणना अभिकर्ता के रूप में काम कर रहा था।
धनीराम साहू को शक था कि तुलसी साहू ने मतगणना के दौरान जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाए थे, जिसके कारण उसे हार का सामना करना पड़ा। इसी बात को लेकर वह तुलसी से रंजिश रखने लगा और उसकी हत्या की साजिश रच डाली।
1.20 लाख रुपये में तय हुआ अपहरण का सौदा
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी धनीराम साहू ने अपने साले भुवन साहू के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। इसके लिए ओमनारायण राजपूत के माध्यम से कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया गया। तुलसी साहू के अपहरण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें धनीराम ने 70 हजार रुपये अग्रिम दिए थे।
योजना के तहत तुलसी का अपहरण कर उससे सरपंच चुनाव में कथित गड़बड़ी स्वीकार करने संबंधी स्टाम्प पेपर पर लिखवाना और उसका वीडियो बनाना था। इसके बाद उसकी हत्या करने की साजिश रची गई थी।
कार से किया अपहरण, पंप हाउस में गला घोंटकर हत्या
पुलिस की जांच के अनुसार, 25 अक्टूबर की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी और तीन अन्य साथियों के साथ निशान कार क्रमांक CG 10 CE 2075 से ग्राम पेण्ड्री पहुंचा। रात करीब 7 बजे तुलसी साहू को जय भोलेनाथ राइस मिल के पास सुनसान सड़क पर रोककर जबरन कार में बैठा लिया गया।
इसके बाद धनीराम साहू और उसका साला भुवन साहू भी आरोपियों के संपर्क में आए। सभी आरोपियों ने मनियारी सरगांव के पास मुलाकात की। बाद में तुलसी को टीकाराम साहू के खेत स्थित ट्यूबवेल पंप हाउस ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार, वहां तुलसी को डराकर 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर चुनाव में कथित धांधली स्वीकार करने संबंधी शपथ पत्र लिखवाया गया और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। इसके बाद धनीराम और भुवन ने पंप हाउस में रखे बिजली के तार से उसके दोनों पैर बांध दिए और गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
शव को मोटरसाइकिल से ले जाकर कीचड़ में फेंका
हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ओमनारायण राजपूत को बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने शव को घसीटकर मोटरसाइकिल तक पहुंचाया और गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे कीचड़ में फेंककर झाड़ियों से ढक दिया।
साक्ष्य मिटाने के लिए मृतक के जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास पोल्ट्री फार्म के शेड में छिपाया गया, जबकि मोबाइल फोन को राकिंग ढाबा के पीछे खेत में फेंक दिया गया। गमछे को भी जलाकर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया गया।
पांच आरोपी गिरफ्तार, कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन तथा मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के पर्यवेक्षण और डीएसपी हरविंदर सिंह के नेतृत्व में थाना सरगांव एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
पुलिस ने विवेचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी:
- धनीराम साहू (40 वर्ष), निवासी पेण्ड्री ‘स’, थाना सरगांव।
- भुवन साहू (28 वर्ष), निवासी किरना, थाना सरगांव।
- ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत (25 वर्ष), निवासी पेण्ड्री ‘स’, थाना सरगांव।
- सुरेंद्र जोशी (25 वर्ष), निवासी दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर।
- टीकाराम साहू (53 वर्ष), निवासी मोहभट्ठा, थाना सरगांव।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बिजली के तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, स्टाम्प पर लिखते हुए बनाया गया वीडियो, मोटरसाइकिल, निशान कार तथा सुपारी की रकम में से शेष 10 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं।
पुलिस ने प्रकरण में हत्या और साक्ष्य छिपाने के साथ अपहरण एवं आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ी हैं। गिरफ्तार आरोपियों को 30 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार
अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
इस कार्रवाई में थाना सरगांव पुलिस, साइबर सेल तथा पुलिस की विशेष टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
द मनियारी न्यूज़ | जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़
देखे वीडियो
https://www.instagram.com/reel/DfKM1KzCoJe/?mdxt=MXE0MXZwZHhjOHBwZQ==



