छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी: विधायक दूल्हे की बैलगाड़ी चलाते दिखे उप मुख्यमंत्री अरुण साव


रायपुर -भारतीय राजनीति में अनोखी मिसाल: विधायक दूल्हे की बैलगाड़ी के सारथी बने डिप्टी सीएम अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने संभाली बैलगाड़ी की लगाम, विधायक दीपेश साहू ने परंपरागत अंदाज में निकाली बारात



छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक अनोखा और ऐतिहासिक दृश्य उस समय देखने को मिला जब प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव विधायक दूल्हे दीपेश साहू की बैलगाड़ी बारात के सारथी बने। भारतीय राजनीति में शायद यह पहला अवसर रहा जब किसी उप मुख्यमंत्री ने स्वयं बैलगाड़ी चलाकर दूल्हे की बारात का नेतृत्व किया।
बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने अपनी शादी पूरी तरह छत्तीसगढ़ी परंपरा और सादगी के साथ संपन्न करने का निर्णय लिया। आधुनिकता के दौर में उन्होंने लग्जरी वाहनों के बजाय बैलगाड़ी से बारात निकालकर अपनी संस्कृति और ग्रामीण परंपराओं को सम्मान दिया। इस अनूठी बारात में प्रदेशभर से आए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और हजारों नागरिकों ने बराती बनकर हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में शामिल हुए विधायक
बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में विधायक दीपेश साहू ने आम नागरिकों की तरह सादगीपूर्ण विवाह किया। इस अवसर पर उनके साथ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 20 अन्य जोड़ों ने भी विवाह बंधन में प्रवेश किया।
सामाजिक समरसता और संस्कृति का संगम
विवाह समारोह में सामाजिक समरसता की अनूठी झलक देखने को मिली। विभिन्न समाजों द्वारा बारातियों और अतिथियों के स्वागत के लिए पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। लोगों ने करी-लड्डू, मुर्रा लड्डू, मोतीचूर लड्डू, तिल लड्डू, हलवा, गन्ने का रस सहित कई पारंपरिक छत्तीसगढ़ी स्वादों का आनंद लिया।
परंपरा, सादगी और जनसरोकार का संदेश
विधायक दीपेश साहू की यह शादी केवल एक वैवाहिक आयोजन नहीं रही, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सामाजिक समरसता और सादगी का संदेश देने वाला आयोजन बन गई। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बैलगाड़ी के सारथी के रूप में शामिल होना पूरे कार्यक्रम का सबसे चर्चित और आकर्षण का केंद्र रहा।




