लोरमी: ग्राम रैतरा कला में त्रिदिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ एवं पर्वत दान महोत्सव संपन्न, 500 क्विंटल धान सहित सोना–चांदी व अन्य अनाज का दान..

लोरमी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रैतरा कला में आयोजित त्रि-दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ एवं पर्वत दान महोत्सव भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। पहले बार आयोजित इस भव्य अनुष्ठान को देखने के लिए क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पावन दर्शन का लाभ लिया।
पर्वत दान का विशेष महत्व
आयोजन में मुख्य वक्ता धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के कृपापात्र शिष्य
श्री श्री 108 आचार्य पं. प्रमोद शास्त्री जी (मानस केसरी, भागवत भूषण) ने पर्वत दान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—
“पर्वत दान पुराणों में वर्णित अत्यंत दुर्लभ और पुण्यप्रद दान है। अनेक जन्मों के संचित पुण्य से ही मनुष्य को यह दान करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इस दान से सभी प्रकार के पुण्यों की प्राप्ति होती है तथा पापों की निवृत्ति होती है।”
विविध वस्तुओं का किया गया भव्य दान
महोत्सव में लगभग 500 क्विंटल धान, 11 प्रकार के अनाज, सोना, चांदी, हीरा-जवाहरात, वस्त्र, बर्तन, तथा नकद राशि सहित अनेक वस्तुओं का पर्वत दान किया गया।
पूजा-अर्चना के पश्चात पर्वत को विधिवत रूप से आम नागरिकों को समर्पित किया गया।
वैदिक अनुष्ठानों के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
उप यज्ञाचार्य श्री झम्मन प्रसाद शास्त्री तथा वैदिक विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने इसे जिले का पहला भव्य पर्वत दान आयोजन बताते हुए इसे ऐतिहासिक बताया।
ग्राम व क्षेत्रवासियों में दिखा उत्साह
आयोजन को प्रत्यक्ष देखने के लिए रैतरा कला सहित आसपास के गाँवों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने कहा कि—
“पर्वत दान के बारे में किताबों में पढ़ा था, लेकिन इसे पहली बार प्रत्यक्ष देख रहे हैं। यह हमारे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।”
मुख्य यजमान
इस पावन आयोजन के मुख्य यजमान
श्रीमती उषा पाण्डेय एवं श्री रतन लाल पाण्डेय रहे।





