हिन्दू धर्म वसुधैव कुटुम्बकम का मूल आधार : हिमान्शु महाराजमानस ग्राम सारधा में विशाल हिन्दू सम्मेलन संपन्न, हजारों की सहभागिता


लोरमी। मानस ग्राम सारधा में आयोजित विशाल हिन्दू सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षाविद, साहित्यकार, भागवताचार्य एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सत्यनारायण तिवारी ‘हिमान्शु महाराज’ ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दू धर्म विश्व का सबसे प्राचीन, सार्वकालिक, सार्वभौमिक एवं सनातन धर्म है। “वसुधैव कुटुम्बकम” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” इसकी मूल आत्मा हैं।
उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में हिन्दुओं को सजग रहने की आवश्यकता बताते हुए भारतीय संस्कृति, सभ्यता और परम्पराओं के संरक्षण–संवर्धन की अपील की। भगवान श्रीराम के विभिन्न प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए हिन्दू एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रमुख वक्ताओं का मार्गदर्शन
कुटुम्ब प्रबोधन के जिला संयोजक श्री पोषण साहू ने प्रमुख वक्ता के रूप में आत्मबल, सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्यों पर प्रभावी व्याख्यान दिया।
सभा की अध्यक्षता झझपुरी की सरपंच श्रीमती भुनेश्वरी साहू ने की।
कार्यक्रम को भागवत प्रवक्ता मुकेश दास वैष्णव, मानस प्रवक्ता श्रीमती हेमलता वैष्णव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती समुन्द सिन्द्राम, सालिक केशरवानी, रामनिवास साहू, दयाराम साहू तथा सालिक राजपूत ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र कुमार वैष्णव ने किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ व अतिथियों का सम्मान
सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने भारतीय कला और सनातन संस्कृति पर आधारित आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया।
सारधा, महरपुर, सर इपतेरा, राम्हेपुर, झिरवन और धौराभाठ से पधारे समाज के प्रमुखों—द्वारिका राजपूत, मनहरण कश्यप, अभिजीत तिवारी, अशोक वैष्णव, दिलेश्वर ध्रुव, राकेश सिंह, सुशील गंधर्व, गणेश साहू एवं पारस साहू—का सम्मान शाल व श्रीफल भेंटकर किया गया।
हनुमान चालीसा पाठ व विशाल भंडारा
सम्मेलन में उपस्थित लगभग एक हजार महिलाएं और पुरुषों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ किया तथा भारत माता की आरती उतारी।
कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।





