
लोरमी। आर्ट ऑफ लिविंग परिवार लोरमी द्वारा आयोजित इनट्यूशन प्रोग्राम का 17 दिवसीय प्रशिक्षण रविवार को संपन्न हुआ। खेल केंद्र लोरमी में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बच्चों ने योग, ध्यान, प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया के साथ इनट्यूशन की विशेष तकनीकें सीखीं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर बच्चों ने ब्लाइंडफोल्ड लगाकर कार्ड रीडिंग, बुक रीडिंग, नोट के नंबर व रंग पहचानने, पिक्चर्स बताने, यहाँ तक कि चेस व लूडो खेलने जैसी आश्चर्यजनक क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
बच्चों ने बताया कि इस प्रक्रिया से उनका कॉन्फिडेंस, मानसिक क्षमता, एकाग्रता, बौद्धिक व शारीरिक विकास तेजी से बढ़ा है। पेरेंट्स ने भी इसे बच्चों के लिए “जीवन बदलने वाला अनुभव” बताया और अन्य अभिभावकों को यह अवसर अपने बच्चों को देने की सलाह दी।
प्रशिक्षण 17 दिनों तक चला
प्रशिक्षिका श्रीमती लीना छाबड़ा ने बच्चों को बेहद सहज और सरल तरीके से प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों माध्यमों से संचालित हुआ।
सहयोगी हरजिंदर छाबड़ा ने बताया कि लोरमी व आसपास क्षेत्रों के कई बच्चे इस अनोखे कार्यक्रम का हिस्सा बने।
वालंटियरों का महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में आर्ट ऑफ लिविंग परिवार लोरमी के ये वालंटियर सक्रिय रहे—
देव चौहान, अनामिका चौहान, गोपाल अग्रवाल, प्रेमा अग्रवाल, रूपेश साहू, सूर्यकांत शर्मा, धर्मेंद्र साहू, राकेश तिवारी, ज्योति तिवारी, जेमिन सापरिया, अंजना, मुकेश केसरवानी, धनेश साहू, प्राची साहू, विनोद तिवारी, रितेश सलूजा, निरंजन साहू, बलराम चंद्राकर, हीरामणि साहू, खुशबू वैष्णव, कमलेश साहू, कमलेश श्रीवास, निखिल मौर्य आदि।




