जिला मुंगेली में भव्य ‘आदर्श गोंडवाना सामूहिक विवाह’ का आयोजन आज

मुंगेली (छत्तीसगढ़), 11 अप्रैल 2026।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आज जिला मुंगेली के पथरिया विकासखंड अंतर्गत सरगांव स्थित बड़ादेव पेन ठाना, मोहभट्ठा में जिला स्तरीय आदर्श गोंडवाना सामूहिक विवाह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन केन्द्रीय गोंड महासभा के तत्वावधान में हो रहा है, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में मातृशक्ति, पितृशक्ति एवं युवा शक्ति के शामिल होने की उम्मीद है।
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नवदंपत्तियों के नए जीवन की शुरुआत को सामाजिक आशीर्वाद और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष रूप से मनाया जाएगा।
तीन चरणों में होगा भव्य आयोजन
प्रथम चरण (शाम 5:00 बजे – रात्रि 11:00 बजे)
इस चरण में देव सुमरनी, मंडपाच्छादन, चुलमाटी एवं हरवियाही जैसे पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तिरू. सुभाष परते (प्रदेश अध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ) रहेंगे, जबकि अध्यक्षता तिरू. विरेन्द्र मरावी करेंगे।
इस दौरान अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
द्वितीय चरण (रात्रि 9:00 बजे – 12:00 बजे)
इस चरण में बारात प्रस्थान, स्वागत, टीकावन एवं भांवर की रस्में होंगी।
मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री तिरू. अरुण साव की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, वहीं अध्यक्षता धरमलाल कौशिक करेंगे।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
तृतीय चरण (रात्रि 1:00 बजे – सुबह 6:00 बजे)
अंतिम चरण में बेटी विदाई, नवदंपत्ति सम्मान एवं सगा विदाई का आयोजन होगा।
मुख्य अतिथि तिरू. तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम तथा अध्यक्षता तिरू. कमलेश सिंह ध्रुव करेंगे।
आदिवासी भवन का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक द्वारा आदिवासी भवन का लोकार्पण भी किया जाएगा, जो क्षेत्र के सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गोंडी सांस्कृतिक “झलक प्रतियोगिता”
कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भरने के लिए गोंडी परंपरा पर आधारित प्रतियोगिता भी आयोजित होगी, जिसमें आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं:
प्रथम: ₹5000
द्वितीय: ₹3000
तृतीय: ₹2000
अन्य पुरस्कार भी निर्धारित
व्यापक जनसहभागिता
इस आयोजन में जिले के अनेक जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख, युवा कार्यकर्ता एवं महिला शक्ति सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सैकड़ों गांवों से लोग इस आयोजन में शामिल होकर इसे सफल बनाने के लिए जुट रहे हैं।
आयोजन की खास बात
यह सामूहिक विवाह न केवल सामाजिक समरसता और परंपराओं का प्रतीक है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक सशक्त सहारा भी है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से ऐसे आयोजन समाज में एकता, सहयोग और संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हैं।
निष्कर्ष:
सरगांव का यह भव्य सामूहिक विवाह आयोजन सामाजिक एकजुटता, संस्कृति और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रहा है, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।




