
रायपुर, 09 अप्रैल 2026।
आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद से श्री खोगेन्द्र साहू ने “उरांव जनजाति के बढ़ते आयामों का समाजशास्त्रीय अध्ययन (जशपुर जिले के विशेष संदर्भ में)” विषय पर शोध पूरा कर पीएचडी की उपाधि हासिल की है। उनका यह शोध कार्य डॉ. अनिता कुर्रे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
साधारण पृष्ठभूमि से ऊँची उड़ान
ग्राम बोडतरा निवासी और शिक्षक द्वारिका प्रसाद साहू के सुपुत्र श्री खोगेन्द्र साहू ने मेहनत, लगन और परिवार के सहयोग से यह उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है।
उरांव जनजाति के सामाजिक बदलावों पर गहन शोध
अपने अध्ययन में श्री साहू ने जशपुर जिले में निवासरत उरांव जनजाति के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया है। शोध में पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण, आधुनिकता के प्रभाव और बदलती जनजातीय जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष फोकस किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध जनजातीय समाज की वर्तमान स्थिति को समझने, सामाजिक समावेशन बढ़ाने और नीतिगत योजनाएँ तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
परिजनों और शुभचिंतकों ने दी बधाई
श्री खोगेन्द्र साहू की इस उपलब्धि पर परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।





