श्रीमद् भागवत कथा में पूज्य स्वामी शिवानंद जी महाराज का आगमन; दिव्य उपदेशों से भावविभोर हुए श्रद्धालुगण

| ग्राम बिटकुला (खम्हरिया), जिला बिलासपुर
ग्राम बिटकुला में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में उस समय भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा, जब पूज्य श्री श्री 108 स्वामी शिवानंद जी महाराज (श्री सिद्ध बाबा अद्वैत परमहंस आश्रम, बेलगहना) का कथा पांडाल में गरिमामयी आगमन हुआ। कथा के चौथे दिन स्वामी जी का भव्य स्वागत पुष्प-वर्षा, शंखनाद और जयघोष के बीच किया गया।
“भागवत कथा जीवन जीने की कला” — पूज्य स्वामी जी
अपने दिव्य उद्बोधन में पूज्य स्वामी जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञान गंगा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में भागवत कथा का श्रवण मानसिक शांति, आत्मिक उत्थान और चित्त की शुद्धि के लिए अत्यंत उपयोगी है।
भक्ति और कर्म का समन्वय
स्वामी जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा—
“भक्ति पलायन नहीं, बल्कि कर्तव्य-पथ पर दृढ़ रहने की शक्ति देती है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म की रक्षा और लोककल्याण के लिए निरंतर प्रेरित करता है।”
व्यास पीठ से दिव्य वचन, पंडाल में उमड़ा उत्साह
कथा व्यास पं. आशुतोष तिवारी जी द्वारा प्रस्तुत भजनों और अमृत वचनों ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग पर पंडाल ‘जय श्री कृष्णा’ के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया।
पुलिस व्यवस्था और आभार
पूज्य स्वामी जी के आगमन को देखते हुए सीपत पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस जवान तैनात किए गए। आयोजकों ने पुलिस प्रशासन और उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
ज्ञान यज्ञ की शोभा बढ़ी
आयोजन समिति ने बताया कि पूज्य स्वामी जी के आगमन से यह सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ और अधिक दिव्य एवं सफल हो गया है।
कथा के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।





