मुंगेली पुलिस ने 24 घंटे में किया अंधे कत्ल का खुलासा, पत्नी ही निकली पति की हत्यारिन..

मुंगेली, 25 जनवरी 2026।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में मुंगेली पुलिस ने थाना पथरिया क्षेत्र के ग्राम गंगद्वारी में हुए अंधे कत्ल के प्रकरण का मात्र 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—मृतक की पत्नी रूजेश्वरी राजपूत ही आरोपी निकली।
पत्नी ने सोते पति की कुल्हाड़ी से हत्या की
थाना पथरिया में 24 जनवरी को रूजेश्वरी राजपूत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात 3 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर उसके पति आजूराम राजपूत (51 वर्ष) की हत्या कर दी। पुलिस ने शुरुआत में मर्ग कायम कर अपराध क्रमांक 18/26, धारा 103 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया। एएसपी नवनीत कौर छाबड़ा और डीएसपी नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने अलग-अलग बिंदुओं पर त्वरित जांच शुरू की।
पड़ोसियों से मिली अहम जानकारी
फॉरेंसिक टीम द्वारा स्थल निरीक्षण और सबूत जुटाए गए। पड़ोसियों ने बताया कि मृतक ने दूसरी शादी की थी और पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता रहता था।
संदेह गहराने पर पुलिस ने रूजेश्वरी से महिला अधिकारी के माध्यम से पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने हत्या की वारदात कबूल कर ली।
पत्नी ने कबूला जुर्म, बताई हत्या की वजह
आरोपिया ने बताया कि पति द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने और स्वास्थ्य ठीक न रहने के कारण वह तनाव में थी।
23 जनवरी की रात पति खाना खाकर प्रधानमंत्री आवास (निर्माणाधीन) से लौटकर घर पर सो गया था।
रात लगभग 3 बजे बाथरूम जाने के दौरान उसने गुस्से व तनाव में अचानक उसे रास्ते से हटाने का निर्णय लिया और घर में रखी लोहे की टंगिया (कुल्हाड़ी) से पति के सिर, चेहरे, गले, सीने व पेट पर कई वार कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद पड़ोसियों और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने चोरी की झूठी कहानी गढ़ी।
महिला गिरफ्तार, खून से सनी साड़ी और हथियार बरामद
आरोपिया की निशानदेही पर पुलिस ने
लोहे की टंगिया,
घटना के समय पहनी खून लगी साड़ी
गवाहों के समक्ष जप्त की।
पुख्ता साक्ष्य मिलने पर उसे 24 जनवरी की रात 20:30 बजे गिरफ्तार कर 25 जनवरी को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया।
जांच टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल खुलासे में निम्न अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही—
निरीक्षक प्रसाद सिन्हा (सायबर सेल प्रभारी),
उप निरीक्षक गिरजाशंकर यादव (थाना प्रभारी पथरिया),
प्र.आर. यशवंत डाहिरे, नोखेलाल कुर्रे, नरेश यादव,
अरुण नेताम, आरक्षक राकेश बंजारे, राहुल यादव,
गिरीराज परिहार, रवि मिंज, भेषज पाण्डेकर,
हेमसिंह ठाकुर, राम कश्यप, परमेश्वर जांगड़े,
हलिश गेंदले एवं मिथलेश सोनवानी।




