सहायक शिक्षकों का आक्रोश फूटा, फेडरेशन ने सरकार को चेताया—‘मांगें नहीं मानी तो होगा राज्यव्यापी आंदोलन’

मुंगेली।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने आज अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद फेडरेशन ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र निर्णय न होने पर आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा।
फेडरेशन के प्रांतीय महामंत्री अभिजीत तिवारी ने कहा कि “शिक्षक स्कूलों की रीढ़ हैं, लेकिन उनके हितों की लगातार अनदेखी हो रही है।” उन्होंने कहा कि फेडरेशन लंबे समय से वेतन विसंगति, पदोन्नति और सेवा शर्तों में सुधार की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार से अब तक ठोस कदम देखने को नहीं मिले।
प्रांतीय संयुक्त सचिव मनोज कश्यप ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि “राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों के हित में ‘मोदी की गारंटी’ का हवाला देते हुए कई घोषणाएँ की थीं, लेकिन धरातल पर कार्य शून्य है। यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती तो तेज आंदोलन अवश्य होगा।”
जिला अध्यक्ष भूपेंद्र बंजारे और माया सिंह राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार के घोषणा पत्र में शामिल ‘मोदी की गारंटी’ तथा राज्य सरकार की घोषणाएँ अभी तक अमल में नहीं आईं। टीईटी की अनिवार्यता और VSK ऐप को लेकर शिक्षकों में गहरी नाराजगी है।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती, तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस दौरान तीनों ब्लॉकों के अध्यक्षों सहित निलेश दुबे, राधिका देवांगन, अखिलेश शर्मा, ओमप्रकाश ध्रुव एवं अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।





