ग्राम पालचुवा बना ‘घुमंतु पशुधन मुक्त पंचायत’किसानों को मिली बड़ी राहत, गौठान मॉडल बना मिसाल

मुंगेली, 06 जनवरी 2025- विकासखंड मुंगेली का ग्राम पंचायत पालचुवा जिले में एक नई मिसाल बन गया है। पंचायत ने पशुधन प्रबंधन के क्षेत्र में अभिनव कदम उठाते हुए स्वयं को “घुमंतु पशुधन मुक्त पंचायत” घोषित किया है। इस प्रयास से न सिर्फ किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान में भारी कमी आई है, बल्कि सड़कों पर भटकते मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा भी लगभग समाप्त हो गया है।
जिला प्रशासन के ‘गौ सेवा संकल्प अभियान’ से मिली प्रेरणा
कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान से प्रेरित होकर सरपंच, उपसरपंच, पंचगण और ग्रामीणों ने मिलकर लगभग 200 निराश्रित पशुओं के लिए सुव्यवस्थित गौठान तैयार किया है।
गौठान में—
100 ट्रैक्टर पैरा,
पर्याप्त हरा चारा,
स्वच्छ पेयजल,
और सौर ऊर्जा आधारित 5 HP पंप से लगातार जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है।
2 एकड़ में बना सुरक्षित आसरा
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा डॉ. आर.एम. त्रिपाठी ने बताया कि 2 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित गौठान पशुओं के विचरण व देखभाल के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। यहां मवेशियों को सुरक्षित और संरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे खुले में न भटकें।
किसानों की फसलें सुरक्षित, दुर्घटनाओं में कमी

सरपंच विनय बंजारा की नेतृत्व में चली इस पहल का बड़ा असर दिखा है—
किसानों की फसलें अब घुमंतु पशुओं से सुरक्षित हैं।
ग्रामीण सड़कों पर मवेशियों के आने से होने वाली दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
धरदेई पंचायत भी बनी मॉडल
गौ सेवा संकल्प अभियान से प्रेरित होकर विकासखंड पथरिया की ग्राम पंचायत धरदेई को भी “घुमंतु पशुधन मुक्त पंचायत” घोषित किया जा चुका है।
अन्य पंचायतों से भी अपील
पशुधन विभाग, मुंगेली ने जिले की सभी पंचायतों से अपील की है कि वे भी जनसहयोग से घुमंतु पशुधन को गौठानों में संरक्षित करें, ताकि फसल, पशुधन और आमजन—तीनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





