लोरमी का ‘मानस मंच’ अद्वितीय एवं अतुलनीय : डॉ. तिवारी।

“श्रीराम कथा की 44 वर्षों की साधना का परिणाम है यह भव्य सृजन”
लोरमी 4 अक्तूबर 2025 मंगलवार
लोरमी का मानस मंच अपनी भव्यता, गरिमा और आध्यात्मिक आभा के कारण आज पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है। शिक्षाविद्, साहित्यकार, कथावाचक एवं समाजसेवी डॉ. सत्यनारायण तिवारी ‘हिमांशु महाराज’ ने मानस मंच के लोकार्पण अवसर पर सम्मानित होने के उपरांत कहा कि —
> “लोरमी का मानस मंच अद्वितीय, अनुपमेय और अतुलनीय है। यह श्रीराम कथा की चवालीस वर्षों की साधना और भावनात्मक तप का प्रतिफल है।”
उन्होंने कहा कि बाल्मीकि रामायण के श्लोकों और गोस्वामी तुलसीदास जी की लेखनी को मंच पर जीवंत करते हुए, श्रीराम जन्म से लेकर रामराज्य तक की लीलाओं का सजीव, मनोहारी और आकर्षक चित्रण किया गया है, जो हर दर्शक के हृदय को भक्ति भाव से भर देता है।
डॉ. तिवारी ने कहा कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आज माँ महामाया की धर्मनगरी लोरमी भी उसी पावन प्रकाश से आलोकित होती प्रतीत हो रही है।
> “यह हमारे लिए गर्व और गौरव का विषय है कि लोरमी में भी धर्म, संस्कृति और आस्था का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है।”
उन्होंने इस दिव्य कार्य के लिए लोरमी की समस्त जनता, जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय विधायक एवं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, तथा समाज के सभी सनातनी वर्गों को साधुवाद दिया।
साथ ही उन्होंने कथाकारों, कलाकारों और पत्रकारों के योगदान को भी सराहते हुए कहा कि इन सबके सामूहिक प्रयासों से लोरमी की यह पवित्र भूमि धर्म और भक्ति की नई पहचान बना रही है।
अंत में डॉ. तिवारी ने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज इसी नवनिर्मित भव्य मानस मंच पर अंतरराष्ट्रीय कथावाचक संत चिन्मयानंद बापू के श्रीमुख से सैकड़ों श्रद्धालु श्रीराम कथा का अमृत रसपान कर रहे हैं।
> “यह दृश्य लोरमी के इतिहास में अमिट अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।”





