अचानकमार की मिट्टी से निकली कला की खुशबूरागिनी ध्रुव की गोंड चित्रकला को मिला राष्ट्रीय सम्मान।

अचानकमार टाइगर रिज़र्व की युवा कलाकार रागिनी धुरवे ने अपनी अद्भुत गोंड चित्रकला से प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है। भारत सरकार की नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) द्वारा आयोजित “साइलेंट कंजर्वेशन: फ्रॉम मार्जिन टू सेंटर” राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में रागिनी की कलाकृति का चयन हुआ है।
नई दिल्ली में आयोजित इस प्रदर्शनी में देशभर के 50 चुनिंदा कलाकारों की कृतियाँ प्रदर्शित की गईं, जिनमें रागिनी की कला को विशेष रूप से पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद को सम्मानित करने हेतु प्रस्तुत किया गया। उनकी रचना में अचानकमार के वन्यजीव, प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय जीवन की झलक ने सबका मन मोह लिया।
यह उपलब्धि न केवल रागिनी बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह साबित किया कि जंगलों की गोद में भी सृजन और संस्कृति की गूंज उतनी ही जीवंत है जितनी किसी महानगर में।
रागिनी की इस सफलता पर जिलेभर में खुशी की लहर है। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को कला और परंपरा से जुड़ने की प्रेरणा देगी।





